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सोमवार, 22 जुलाई 2013

जो अपनों का नहीं हुआ वो औरौ का क्या होगा ... !!!!






जो अपनों का नहीं हुआ वो औरौ का क्या होगा ।
जो एक सच्चा हिन्दू या मुस्लमान होगा ।।

वही गीता और कुरान का भी कद्र करेगा ।

सोचो, समझो, जागो अब देश बचाना ही होगा ।।

जय हिन्द ... साधना 



11 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

अरुन शर्मा 'अनन्त' ने कहा…

आपकी यह रचना कल मंगलवार (23-07-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

sadhana singh ने कहा…

जी धन्यवाद :)

पूरण खण्डेलवाल ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति !!

shorya Malik ने कहा…

बहुत सुंदर और सार्थक




यहाँ भी पधारे
गुरु को समर्पित
http://shoryamalik.blogspot.in/2013/07/blog-post_22.html

Madan Mohan saxena ने कहा…


बहुत सुन्दर प्रस्तुति है
कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें
http://saxenamadanmohan.blogspot.in/

Anupama Tripathi ने कहा…

सार्थक रवहना साधना जी ...!!
सुंदर सोच ॥

कालीपद प्रसाद ने कहा…

Bahut sundar prastuti!
latest दिल के टुकड़े
latest post क्या अर्पण करूँ !

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सहमत आपकी बात से ...
अगर अब भी नहीं जागे तो पछताना होगा ...

vijay kumar sappatti ने कहा…

एक अच्छी और सच्ची पोस्ट... सही शब्दों में इन्सान की व्याख्या .

दिल से बधाई स्वीकार करे.

विजय कुमार
मेरे कहानी का ब्लॉग है : storiesbyvijay.blogspot.com

मेरी कविताओ का ब्लॉग है : poemsofvijay.blogspot.com

राकेश कौशिक ने कहा…

जय हिन्द

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