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मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

बुद्धू कुछ तो ....


एक खूबसूरत सा एहसास

बार बार आ रही है मेरे पास

एक गहरी साँस ले

एहसासों को बटोर

दामन से गठरी बांध

रख ली मै

अपने पास

अब ये मत कहना

क्यों रखी मै अपने पास

बुद्धू कुछ तो ......

समझ रखो अपने पास ...!!

......साधना::-

3 टिप्पणियाँ:

babanpandey ने कहा…

खुबसूरत एहसासों को बाध
गठरी में ॥
बहुत ही अच्छा लगा //
नया साल शुभ हो

sada ने कहा…

एहसासों को बटोर

दामन से गठरी बांध

रख ली मै

अपने पास

वाह बहुत ही खूबसूरत शब्‍दों का संगम ...

आइए एक नजर यहां पर भी डालें ...


http://urvija.parikalpnaa.com/2010/12/blog-post_29.html

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.
नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें ...स्वीकार करें

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