RSS

रविवार, 12 दिसंबर 2010

सुनो न ! कुछ तुमसे है कहना...!!!


सुनो न !
कुछ तुमसे
है कहना
थोड़ा पास आना
थोड़ा और...
तुझे ले चलती हूँ
दूर गगन के छाँव में
जहाँ इस दुनियां की
कुछ भी साथ न हो
बस हम और तुम
आँखें बंद करना !
अपना हाथ
मेरे हाथ में देना
देखो, ठीक से
छोड़ना मत
ये लो ! आ गये
कितनी खुबसूरत
वादियाँ है
फिज़ा है
देखो !
हमारे पास आ रही है
न गम है
न आँसू है
बस हम-तुम
और हमारी रूहें
आँखें बंद रखना
अब तो.....
न जमीं रहा
न आसमां रहा
बस इश्क़ ही इश्क रहा ...!!!

आगे ......???
उफ़ आगे क्या
धड़ाम सा निचे गिरना
नींद का खुलना
और फिर वही मतलबी
दुनियां में आ जाना !!!!!

~~~~ साधना :-

10 टिप्पणियाँ:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

उफ़ आगे क्या
धड़ाम सा निचे गिरना
नींद का खुलना
और फिर वही मतलबी
दुनियां में आ जाना !!!!!
waah

Kunwar Kusumesh ने कहा…

climax सुन्दर है

INDIA NEWS ने कहा…

हा हा हा ... इस मतलबी दुनियां से पिण्‍ड नहीं छूटेगा साधना ... आखिरकार जीना यहॉं मरना यहॉं .... बहुत ही खूबसूरत रचना है डुबो कर मारती है .... हा हा हा - नरेन्‍द्र सिंह तोमर ''आनन्‍द''

Ritu Singh ने कहा…

Aisa lag raha tha ki sab kuch saamne ho raha hai.. ya hum khud hi ek kirdaar hon.. bahut khoob.

Bishwa Nath Singh ने कहा…

I admire your awesome thought very nicely composed.They are super worth commending.

अनुपमा पाठक ने कहा…

सुन्दर कल्पना...

babanpandey ने कहा…

हर कोई देखता है ऐसे सपने .....
मगर ..सपना के साथ
हाथ का साथ होना ज़रूरी है /

संजय भास्कर ने कहा…

truly brilliant..
keep writing......all the best

हल्ला बोल ने कहा…

ब्लॉगजगत में पहली बार एक ऐसा "साझा मंच" जो हिन्दुओ को निष्ठापूर्वक अपने धर्म को पालन करने की प्रेरणा देता है. बाबर और लादेन के समर्थक मुसलमानों का बहिष्कार करता है, धर्मनिरपेक्ष {कायर } हिन्दुओ के अन्दर मर चुके हिंदुत्व को आवाज़ देकर जगाना चाहता है. जो भगवान राम का आदर्श मानता है तो श्री कृष्ण का सुदर्शन चक्र भी उठा सकता है.
इस ब्लॉग के लेखक बनने के लिए. हमें इ-मेल करें.
हमारा पता है.... hindukiawaz@gmail.com
समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे

देशभक्त हिन्दू ब्लोगरो का पहला साझा मंच - हल्ला बोल

Dr.Nidhi Tandon ने कहा…

बस इश्क ही इश्क रहे.....भला,ऐसे ख्वाब को देखते हुए कौन उठना चाहेगा

एक टिप्पणी भेजें